भगवद्गीता: अध्याय-2, श्लोक 26
अथ चैनं नित्यजातं नित्यं वा मन्यसे मृतम् ।
तथापि त्वं महाबाहो न एवम् शोचितुमर्हसि ॥
अथ (अगर if, however) च एनम् ( इस देही को also this soul) नित्यजातं (नित्य पैदा होने वाला always born) नित्यं (नित्य forever) वा (भी either) मन्यसे (मानो so you think) मृतम् (मरने वाला dead) तथापि (तो भी still) त्वं (तुम्हें you) महाबाहो (हे महा- बाहु ! O mighty-armed ) न एवं (इस प्रकार नहीं never about the soul) शोचितुम् अर्हसि (शोक करना चाहिए deserve lamenting)
If you however think this Self
On births and deaths is ever born,
Even then, O valorous one!
No reason is there for you to mourn.
अगर बीज को पृथ्वी में बो दिया जाए तो वह फूल कर अंकुर देता है, और वही अंकुर धीरे धीरे बढ़कर वृक्ष रूप हो जाता है इसमें सूक्ष्म दृष्टि से देखा जाए तो वह बीज एक क्षण भी एक रूप से नहीं रहा। पृथ्वी में वह पहले अपने कठोर रूप को छोड़कर कोमल रूप में हो गया । फिर कोमल रूप को छोड़कर अंकुर रूप में हो गया। इसके बाद अंकुर रूप को छोड़कर वृक्ष रूप में हो गया और अंत में सूख गया। इस तरह बीज एक क्षण भी एक रूप से नहीं रहा बल्कि प्रतिक्षण बदलता रहा। उसने अपने पहले रूप को छोड़ा। यह उसका मरना हुआ दूसरे रूप को धारण किया यह जन्म हुआ। इस तरह प्रतिक्षण ही जन्मता मरता रहा। बीज की तरह शरीर है बहुत सूक्ष्म रूप से वीर्य का जंतु रज के साथ मिला। पहले वह भ्रूण बना। वह बढ़ते बढ़ते बच्चे के रूप में हो गया और फिर जन्म ले गया। जन्म के बाद बढ़ा फिर घटा और अंत में मर गया। इस तरह शरीर एक क्षण भी एक रूप से न रहकर बदलता रहा अर्थात् प्रतिक्षण जन्मता और मरता रहा।
'उमर खय्याम' की एक रुबाई है जिस का अंग्रेजी अनुवाद इस प्रकार है।
The moving finger writes; and having writ, moves on: nor all thy piety nor wit shall lure it back to cancel half a line, nor all thy tears wash a word of it.
"चलती हुई अंगुली इबारत लिखती जाती है; लिखने के बाद आगे लिखने लगती है: तुम्हारी धर्म निष्ठा और बुद्धि इसमें से आधी लाइन भी मिटवा नहीं सकती, न ही तुम्हारे आंसू इसका एक शब्द भी धो सकते हैं।" -उमर खय्याम
अब तक इतनी बात बताई, देही नहीं सकती है मर
जीव जीव मैं करै बसेरा, कालजयी और अनश्वर
दुनिया भर मैं जणे भतेरे, नहीं मानते इतना पर
इसका जो स्वभाव अगर, मानै आवण-जावण का
फिर तो कोई कारण ना, हमनै शोक मनावण का